कुमाऊं मंडल के नवनियुक्त डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने की पत्रकारों से वार्ता, बोले पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली में बदलाव लाने की जरूरत

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नैनीताल: कुमाऊं के नवनियुक्त डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने कार्यभार संभालने के बाद मंगलवार को मल्लीताल स्थित कार्यालय में अपने अधीनस्थों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यालयी काम के साथ ही लीक से हटकर कार्य करने और जनहित में अभियान चलाने के निर्देश पुलिस कर्मियों को दिए। जिसके बाद डीआईजी पत्रकारों से मुखातिब हुए।

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें दो वर्ष महाराष्ट्र पुलिस में विभिन्न पदों पर कार्य करने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्हें जनपद हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, पिथौरागढ़, एसपी समेत एसएसपी उधमसिंह नगर का कार्यभार संभालने का मौका मिला।

उनहोंने बताया कि बीते छह माह में उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा पांच सौ करोड़ का पावर बैंक घोटाला पकड़ने के साथ ही साइबर मामलों का खुलासा करने में उनकी अहम भूमिका रही है। मंडल में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर कहा कि इस पर लगाम लगाने के लिए अब जिला लेवल पर भी एक्टिव रूप से साइबर सेल कार्य करेगा। डीआईजी भरणे ने मंडल में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव लाने की जरूरत बताया है। जिसको लेकर जल्द पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा। साथ ही औचक निरीक्षण कर वह खुद जनता से फीडबैक भी लेंगे।

डीआईजी ने कहा कि कार्मिक रहने के दौरान उन्होंने कर्मियों की कई समस्याओं को नजदीकी से देखा है। उन्हें मेंटल हेल्थ का स्टेट नोडल ऑफिसर की जिम्मेदारी भी दी गई है। जिस कारण वह विभाग के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर पुलिसकर्मियों के पास जाकर उनकी समस्याएं जानेंगे।

पुलिसकर्मियों में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या के मामले बढ़ने को उन्होंने गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की समस्या जानने के साथ ही हर जिले में व्यक्तिगत तौर पर जाकर गंभीर समस्याओं को चिन्हित किया जायेगा। न्यायालयों में लंबित मामलों की पैरवी में कई बार पुलिस की चूक अपराधियों के लिए सहायक साबित हो जाती है। ऐसे में गंभीर मामलों के लिए पैरवी सेल गठित किया जाएगा।

मंडल में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार पर लगाम लगाने को लेकर कहा कि इसके लिए जल्द बड़े अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं के परिवारों से मिलकर व्यक्तिगत रूप से उनकी काउंसलिंग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि न्यायालयों में चल रहे कई वादों में पुलिस की ओर से पैरवी कमजोर होने पर अपराधियों को इसका लाभ मिल जाता है। पुलिस की पैरवी को सशक्त बनाने के लिए जल्द मंडल में पैरवी सेल स्थापित किया जाएगा। गंभीर मामलों में सशक्त पैरवी के लिए स्पेशल ऑफिसर तैनात किए जाएंगे।

इसके अलावा डीआईजी ने बताया कि जनता की समस्याएं और शिकायतें शीघ्र पुलिस तक पहुंच पाए इसके लिए मुख्यालय स्तर पर पब्लिक आई एप की शुरुआत की जा रही है। गुरुवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी देहरादून में ऐप को लॉन्च करेंगे। उन्होंने बताया कि इस ऐप के जरिए कोई भी नागरिक फोटो, वीडियो के माध्यम से किसी भी शिकायत समस्या या फिर पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी एप में अपलोड कर सकता है। जिसका लिंक मुख्यालय के बाद सीधे 112 से जोड़ा जाएगा। सूचना मिलते ही 112 के माध्यम से शिकायतों को संबंधित थानों में हस्तांतरित किया जाएगा। जिससे लोगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो सके

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