प्रदेश में जैविक उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए सरकार की नई पहल

0
download (53) (15)
देहरादून : उत्तराखंड के जैविक उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। उत्तराखंड में क्षेत्र विशेष में उत्पादित पारंपरिक और जैविक उत्पादों के संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य भौगोलिक संकेत बोर्ड (ज्योग्राफिकल इंडिकेटर) बनाया जाएगा। यह देश का पहला बोर्ड होगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जीआई बोर्ड के गठन से बड़े पैमाने पर स्थानीय उत्पादकों को रोजगार प्रोत्साहन मिलेगा। जिससे पलायन भी रूकेगा। इस बारे में कृषि मंत्री गणेश जोशी की ओर से प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीआई बोर्ड बनाने की घोषणा की है। इस बोर्ड के बनने से स्थानीय उत्पादों को कानूनी संरक्षण भी मिलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस किट का अनावरण किया। इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड में उत्पादित होने वाले विशेष उत्पादों को जीआई सुरक्षा और संवर्धन करते हुए वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेटर) बोर्ड के गठन का प्रस्ताव रखा। इस पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में बोर्ड बनाने की घोषणा की है। उत्तराखंड के जैविक उत्पादकों को पहचान दिलाने से स्थानीय पारंपरिक उत्पादों की मांग में भी बढ़ोतरी होगी । ज्योग्राफिकल इंडिकेटर बोर्ड जीआई पंजीकरण कराने के साथ घरेलु व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इन उत्पादों की मांग व विशेषताओं का अध्ययन करते हुए संभावित उत्पादों की पहचान भी करेगा। यह बोर्ड स्थापित सीमाओं के भीतर और सहमत मानकों के अनुसार उत्पाद का उत्पादन करने वाले किसी भी निर्माता और अन्य संबंधित ऑपरेटर को संकेत का उपयोग करने का अधिकार प्रभावी ढंग से देने के लिए एक प्रणाली तैयार करेगा। बोर्ड के गठन से जीआई प्रमाणित उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा। जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। साथ ही जैविक व क्षेत्र विशेष के उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए ब्रांडिंग की जाएगी। जानिए क्या है जीआई टैग – भौगोलिक संकेत (जीआई) ऐसे उत्पादों पर इस्तेमाल किया जाता है, जिनका एक विशिष्ट भौगोलिक मूल या स्थान होता है। जो उस भौगोलिक मूल के कारण एक विशेष गुण व महत्व रखते हैं। प्रदेश में मुनस्यारी की राजमा समेत नौ उत्पादों को जीआई टैग दिया गया है। जबकि 11 अन्य उत्पादों की प्रक्रिया चल रही है। इस साल के अंत तक प्रदेश के 20 और उत्पादों को जीआई टैग मिलने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

WordPress Warehouse Mango – Portfolio WordPress Theme for Creatives Manice – Business Elementor Template Kit Manila – Portfolio WordPress Theme Manit – IT Solutions & Technology WordPress Theme Manon – Portfolio & Agency WordPress Theme Mantrasana – Yoga Studio Elementor Template Kit Mantsion – Real Estate Elementor Template Kit Manufacto – Factory WordPress Theme Manufacturer - Factory and Industrial WordPress Theme Manzil – Construction and Building WordPress Theme