पीजीआई रैंकिंग सुधार को लेकर 12 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित, 2026-27 तक शीर्ष राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य – Apnu Uttarakhand

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देहरादून: विद्यालयी शिक्षा में पीजीआई (प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक) रैंकिंग सुधार के लिये राज्य स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो रैंकिंग के लिये निर्धारित सूचकांकों में सुधार के लिये ठोस कार्य योजना तैयार करने के साथ ही उनका मूल्यांकन भी करेंगी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर यू-डायस की मॉनिटिरिंग के लिये खण्ड शिक्षा अधिकारियों को नोडल नामित किया गया है, जो प्रत्येक सप्ताह यू-डायस की समीक्षा कर आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करेंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रैंकिंग हासिल की जा सके।

पीजीआई रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिये विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें निदेशक अकादमिक शोध और प्रशिक्षण, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक प्राथमिक शिक्षा, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा, मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधमसिंह नगर, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा कुमाऊं मण्डल, उप निदेशक नियोजन माध्यमिक शिक्षा, प्राचार्य डायट बड़कोट, उप राज्य परियोजना निदेशक नियोजन समग्र शिक्षा, खण्ड शिक्षा अधिकारी जयहरीखाल और कपकोट और उप शिक्षा अधिकारी पाटी शामिल है।

यह समिति पीजीआई रैंकिंग में सुधार के लिये अपने-अपने सुझाव देगी, ताकि उन सुझावों के प्रदेशभर में लागू किया जा सके। समिति से प्राप्त सुझावों को मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी जनपदों में लागू कराया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर पीजीआई रैंकिंग के लिये मुख्य रूप से 6 डोमिन बनाये गये हैं, जिनके तहत 72 सूचकांक निर्धारित हैं। प्रत्येक सूचकांक के लिये अंक निर्धारित किये गये हैं। इस प्रकार कुल 1000 अंकों में से राष्ट्रीय रैंकिंग का निर्धारण किया जाता है। वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड ने 1000 में से 526.30 अंक प्राप्त किये। इसी के मध्यनज़र विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिये 615 अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि वर्ष 2026-27 के लिये 650 अंकों का लक्ष्य रखा है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये जनपदों से आने वाली सूचना को यू-डाइस बोर्ड पर सही अंकित करना होता है। विभागीय अधिकारियों को मानना है कि दक्ष कार्मिकों के अभाव में जनपदों से यू-डाइस पर प्राप्त सूचनाओं में कमी रह जाती है जिसका प्रभाव सीधे-सीधे पीजीआई रैंकिंग पर पड़ता है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुये विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी को यू-डाइस का नोडल नामित किया गया है। संबंधित बीईओ अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले सभी विद्यालयों, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं से संबंधित सही आंकड़े अंकित यू-डाइस पर अंकित करायेंगे। ताकि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की पीजीआई रैंकिंग में उत्साहजनक सुधार लाया जा सके।

भारत सरकार की ओर से प्रत्येक वर्ष पीजीआई रैंकिंग जारी की जाती है, जिससे प्रत्येक राज्य में संचालित विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता का आंकलन होता है। समीक्षा के दौरान पाया गया है कि विद्यालयी स्तर से यू-डायस पर भरे जाने वाले आंकड़ों में कई त्रुटियां रही है जिस कारण राज्य को कई अंकों का नुकसान हुआ। जिसमें सही आंकड़ो को दर्शा कर सुधार किया जा सकता है, इसी उद्देश्य के साथ विभागीय अधिकारियों की एक राज्य स्तरीय कमेटी गठित कर वर्ष 2026-27 में प्रदेश को शीर्ष राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। – डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

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